उत्तराखण्डः तृतीय केदार तुंगनाथ के दर्शन करने वाले यात्रियों का आकंडा एक लाख पार! धाम में भारी संख्या में पहुंच रहे हैं तीर्थ यात्री

रुद्रप्रयाग। हिमालय में सबसे ऊंचाई व चन्द्रशिला की तलहटी में विराजमान तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में तीर्थ यात्रियों का आकंडा एक लाख पार पहुंच गया है। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बन्द होने तक तीर्थ यात्रियों का आकंडा नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है। विगत दिनों उत्तरकाशी के धराली मे आयी दैवीय आपदा के कारण तुंगनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, लेकिन इन दिनों तुंगनाथ घाटी का मौसम खुशनुमा होने के कारण तुंगनाथ धाम की यात्रा पुनः परवान चढ़ने लगी है। तुंगनाथ धाम में तीसरे चरण की यात्रा परवान चढ़ने से तुंगनाथ धाम सहित तुंगनाथ घाटी के यात्रा पडावां पर रौनक लौटने लगी है तथा प्रतिदिन सैकड़ों तीर्थ यात्री चन्द्र शिला के शिखर पर पहुंचकर वहां की खूबसूरती से भी रुबरु हो रहे हैं। मन्दिर समिति से मिली जानकारी के अनुसार तुंगनाथ धाम में अभी तक एक लाख 2330 तीर्थ यात्रियों ने पूजा-अर्चना व जलाभिषेक कर विश्व समृद्धि की कामना की है। इस वर्ष तुंगनाथ धाम में भारी संख्या में तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों व सैलानियों की आवाजाही होने से तुंगनाथ घाटी के तीर्थाटन व पर्यटन व्यवसाय में भारी इजाफा होने के साथ मन्दिर समिति की आय में भी वृद्धि हुई है। इस वर्ष विगत 2 मई को भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये थे तथा कपाट खुलने के बाद ही प्रतिदिन हजारों तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम पहुंचने लगे थे। तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि अभी तक तुंगनाथ धाम में 50 हजार 185 पुरूषों, 42 हजार 183 महिलाओं, 9 हजार 677 नौनिहालों, 274 साधु.सन्यासियां व 11 विदेशी सैलानियों सहित 1 लाख दो हजार 330 तीर्थ यात्रियां दर्शन किये हैं। बताया कि विगत दिनों उत्तरकाशी धराली आपदा आने तथा केदारनाथ की यात्रा बार.बार बाधित होने के कारण तुंगनाथ धाम की यात्रा भी खासी प्रभावित हुई है।