महिला जनसुनवाई में गूंजा महिलाओं का दर्द, घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामलों पर महिला आयोग सख्त
नैनीताल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में नैनीताल स्थित राज्य अतिथि गृह सभागार में राज्य महिला आयोग द्वारा महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन महिलाओं की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना था, जो किसी कारणवश अपनी शिकायत सीधे आयोग तक नहीं पहुंचा पाती हैं। जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान आयोग के समक्ष कुल आठ शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, सोशल मीडिया के माध्यम से प्रताड़ना और घरेलू कलह से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए। पीड़ित महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं आयोग के सामने रखीं और न्याय की गुहार लगाई। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अधिकांश शिकायतें पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली से जुड़ी हुई हैं। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है या जांच में अनावश्यक देरी की जा रही है।
शिकायतों को सुनते हुए राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो ने स्पष्ट कहा कि महिला आयोग हर पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए पूरी मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर शिकायत का गंभीरता से निस्तारण कराया जाएगा। सायरा बानो ने बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी आठ मामलों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भेज दिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मामलों की त्वरित जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का यह जनसुनवाई कार्यक्रम महिलाओं के दर्द और समस्याओं को सीधे सुनने का एक महत्वपूर्ण मंच है। कई बार महिलाएं सामाजिक दबाव या अन्य कारणों से अपनी शिकायत दर्ज नहीं करा पातीं, ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम उनके लिए राहत और भरोसे का माध्यम बनते हैं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने बताया कि इस पहल के तहत राज्य के सभी जनपदों में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम आगामी 13 मार्च तक जारी रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनका समाधान किया जा सके। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने आयोग की इस पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा। वहीं आयोग ने भरोसा दिलाया कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।