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चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी और राम नवमी पर आस्था का सैलाबः देवभूमि के मंदिरों में उमड़ी भारी भीड़, जयकारों से गूंजा माहौल

  • Awaaz Desk
  • March 26, 2026 06:03 AM
A wave of faith on Maha Ashtami and Ram Navami of Chaitra Navratri: Huge crowds gathered in the temples of Devbhoomi, the atmosphere echoed with cheers.

देहरादून। आज देशभर में अष्टमी पूजन के साथ ही राम नवमी का त्योहार आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है और हर तरफ माता रानी के जयकारे गूंज रहे हैं। इस पावन अवसर पर लोगों ने अपने घरों में कन्यापूजन कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया। उत्तराखण्ड में भी अष्टमी पूजन और राम नवमी को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। ऊधम सिंह नगर, नैनीताल समेत जहां सभी जनपदों में आज मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है, वहीं लोग घरों में कन्या पूजन कर माता रानी का आर्शीवाद ले रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, इसलिए इस दिन को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। रामनवमी केवल एक धार्मिक उत्सव ही नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक भगवान श्रीराम के आदर्शों को याद करने का अवसर भी है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे दिन भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान राम की आराधना करते हैं। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जहां वे भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। रामनवमी को धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। भगवान राम ने अपने जीवन में आदर्श पुत्र, आदर्श राजा और आदर्श पति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि रामनवमी का पर्व लोगों को नैतिक मूल्यों की याद दिलाता है।


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