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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में वीकेंड पार्टी बनी मौत का जाल! सिलेंडर ब्लास्ट, भगदड़ और दम घुटने से 25 की दर्दनाक मौत, चश्मदीदों ने सुनाई भयावह रात की कहानी

  • Awaaz Desk
  • December 07, 2025 05:12 AM
 A weekend party turned into a death trap in the Goa nightclub fire! 25 people died tragically from a cylinder blast, stampede, and suffocation. Eyewitnesses recounted the horrific night.

नई दिल्ली। गोवा अग्निकाण्ड ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। यहां नाइट क्लब में हुए अग्निकाण्ड में अबतक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक नॉर्थ गोवा के अर्पोरा गांव स्थित नाइट क्लब में जब आग लगी, तब वहां कम से कम 100 लोग डांस फ्लोर पर थे। एक चश्मदीद के मुताबिक बचने की कोशिश में उनमें से कुछ नीचे किचन में भाग गए, जहां वे स्टाफ के साथ फंस गए। गोवा पुलिस ने कहा कि नाइट क्लब में आग शनिवार आधी रात के बाद सिलेंडर ब्लास्ट की वजह से लगी, जबकि कुछ चश्मदीदों ने दावा किया कि आग क्लब के पहले फ्लोर पर लगी, जहां टूरिस्ट डांस कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि राजधानी पणजी से 25 किलोमीटर दूर अरपोरा गांव में एक पॉपुलर पार्टी वेन्यू, बिर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में लगी आग में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि मरने वालों में ज़्यादातर क्लब के किचन वर्कर थे और उनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने आगे कहा कि मरने वालों में तीन से चार टूरिस्ट भी थे। हैदराबाद की एक टूरिस्ट फातिमा शेख ने रविवार सुबह अरपोरा में बताया कि जैसे ही आग लगने लगी, अचानक हंगामा मच गया। हम क्लब से बाहर भागे तो देखा कि पूरा स्ट्रक्चर आग की लपटों में घिरा हुआ था। उन्होंने कहा कि वीकेंड होने की वजह से नाइट क्लब खचाखच भरा हुआ था और डांस फ्लोर पर कम से कम 100 लोग थे। शेख ने कहा कि आग लगने के बाद कुछ टूरिस्ट नीचे भागने लगे और इस भगदड़ में ग्राउंड फ्लोर पर बने किचन में चले गए। उन्होंने आगे कहा कि वे (टूरिस्ट) दूसरे स्टाफ के साथ वहां फंस गए। कई लोग क्लब से बाहर निकलने में कामयाब रहे। कुछ ही देर में पूरा क्लब आग की चपेट में आ गया। उन्होंने कहा कि वहां ताड़ के पत्तों से बनी एक टेम्पररी बनावट थी जिसमें आसानी से आग लग गई। नाइट क्लब अरपोरा नदी के बैकवाटर में है और इसका एंट्री और एग्जिट पतला है। गलियां पतली होने की वजह से फायर ब्रिगेड क्लब तक नहीं पहुंच पाई और उनके टैंकर मौके से करीब 400 मीटर दूर खड़े करने पड़े। फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि रास्ता पतला होने की वजह से मौके पर पहुंचना मुश्किल हो गया, जिससे आग पर काबू पाना एक मुश्किल काम बन गया। उन्होंने कहा कि अधिकत मौतें दम घुटने से हुईं, क्योंकि पीड़ित ग्राउंड फ्लोर पर बेसमेंट में फंसे रहे। कुल 25 मौतें हुई हैं, जिनमें 23 की मौत दम घुटने से तो 2 की मौत जलने से हुई है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सीएम सावंत ने रिपोर्टर्स को बताया कि नाइट क्लब ने फायर सेफ्टी नॉर्म्स का पालन नहीं किया था। सावंत ने कहा कि वह घटना की जांच के आदेश देंगे, जबकि क्लब मैनेजमेंट और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी जिन्होंने क्लब को चलने दिया।


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