हनुमान मंदिर के बाहर कटा मांस मिलने से सनसनी,अफवाहों के बीच पुलिस की मुस्तैदी ने टाला बड़ा सांप्रदायिक तनाव
किच्छा। ऊधम सिंह नगर जनपद के किच्छा कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत हल्द्वानी टैम्पो स्टैंड के पास स्थित एक प्राचीन हनुमान मंदिर के बाहर रविवार रात और सोमवार सुबह उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब मंदिर के मुख्य द्वार के समीप मुर्गे का कटा हुआ सिर और मांस के लोथड़े पाए गए। इस घटना की खबर जंगल में आग की तरह पूरे शहर में फैल गई, जिससे स्थानीय लोगों और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया। देखते ही देखते मंदिर परिसर के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई।
जैसे ही मंदिर के बाहर मांस मिलने की सूचना मिली, विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने इसे धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली साजिश करार देते हुए तत्काल दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए बाजार में तनाव का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए किच्छा कोतवाल प्रकाश दानू, उप निरीक्षक जगदीश महल और पुलभट्टा इंचार्ज प्रदीप मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद क्षेत्राधिकारी (सीओ) भूपेंद्र सिंह धौनी ने भी मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसपास के घरों और दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान जो सच सामने आया, उसने पूरे मामले की तस्वीर बदल दी और साजिश की आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि कोई व्यक्ति मंदिर के पास नहीं आया था, बल्कि एक आवारा कुत्ता कहीं से मांस खाकर आया था। फुटेज में कुत्ता मंदिर के गेट के ठीक सामने उल्टी (vomit) करता हुआ दिखाई दिया, जिसके साथ मांस के टुकड़े और मुर्गे का कटा हुआ हिस्सा बाहर गिर गया। सीओ भूपेंद्र सिंह धौनी ने प्रदर्शन कर रहे संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाकर खुद अपने मोबाइल और मॉनिटर पर यह फुटेज दिखाई।
फुटेज देखने के बाद प्रदर्शन कर रहे अधिकांश लोग शांत हो गए और पुलिस की त्वरित जांच की सराहना की। हालांकि, एहतियात के तौर पर पुलिस ने मांस के सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया है ताकि किसी भी प्रकार का संदेह शेष न रहे। क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी ने कहा सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर बिना पुष्टि के किसी भी जानकारी को साझा न करें। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि यह किसी असामाजिक तत्व की करतूत नहीं बल्कि एक प्राकृतिक घटना थी। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा न हो। पुलिस की इस तत्परता ने एक संभावित बड़े बवाल को होने से रोक लिया। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और पुलिस बल तैनात है।