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नकली ज्वैलरी गिरोह का भंडाफोड़: फर्जी हॉलमार्क मशीन सहित दो शातिर आरोपी गिरफ्तार

  • Tapas Vishwas
  • March 22, 2026 08:03 AM
Desmantelan banda de falsificadores de joyería: Dos peligrosos acusados ​​arrestados con una máquina para falsificar sellos.

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में पुलिस ने नकली आभूषणों पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से हॉलमार्क लगाने वाली अवैध मशीन सहित अन्य महत्वपूर्ण उपकरण बरामद किए हैं। यह मामला ज्योतिर्मठ कोतवाली क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक महिला ने अपनी गिरवी रखी गई असली ज्वैलरी के बदले नकली आभूषण मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। 19 मार्च 2026 को लवली रावत (पत्नी संदीप रावत, निवासी ग्राम बैंग, हाल डाडो, ज्योतिर्मठ) ने कोतवाली ज्योतिर्मठ में लिखित तहरीर दी। तहरीर के अनुसार, जुलाई 2025 में उन्होंने अपनी सोने की नथ और झुमके आदय ज्वैलर्स के संचालक बंटी कुमार के पास 40 हजार रुपये में गिरवी रखे थे, जिसमें प्रतिमाह 2 हजार रुपये ब्याज तय हुआ था। नवंबर 2025 में उन्होंने पूरा पैसा चुकाकर दिसंबर में ज्वैलरी वापस ली। लेकिन जब उन्होंने आभूषण पहने तो अन्य लोगों ने इनकी चमक और गुणवत्ता पर संदेह जताया। शक होने पर लवली रावत ने ज्वैलरी को बाजार के अन्य ज्वैलर्स को दिखाया, जहां उन्हें पता चला कि नथ और झुमके पूरी तरह नकली हैं। इन पर चालाकी से फर्जी हॉलमार्क लगा हुआ था, जिससे वे असली सोने के आभूषणों जैसे लग रहे थे। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी बंटी कुमार को हिरासत में लेकर गहन पूछताझ शुरू की।

पूछताछ में बंटी कुमार ने अपराध कबूल लिया। उसने बताया कि उसने वादी महिला के असली सोने के आभूषणों के बदले नकली आभूषण तैयार करवाए और उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर वापस कर दिए। जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। बंटी कुमार ने बताया कि कर्णप्रयाग निवासी पंकज कुमार प्रभु कम कैरेट की ज्वैलरी पर फर्जी 20 कैरेट का हॉलमार्क लगाकर उसे असली हॉलमार्क वाले गहनों की तरह तैयार करता था। उसके पास बिना किसी लाइसेंस की हॉलमार्क मशीन भी मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम कर्णप्रयाग पहुंची और बंटी कुमार की निशानदेही पर कर्णप्रयाग बाजार से पंकज कुमार प्रभु को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के कब्जे से फर्जी हॉलमार्क लगाने वाली मशीन, नकली ज्वैलरी के सैंपल, अन्य उपकरण और कुछ नकली गहने बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से कम कैरेट या नकली ज्वैलरी पर फर्जी हॉलमार्क लगाकर लोगों को ठग रहा था। जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कितने लोग इस गिरोह के शिकार हुए हैं। ज्वैलर्स एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा है कि ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ज्वैलरी खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाली प्रमाणित दुकानों से ही खरीदें और संदिग्ध मामलों में तुरंत सूचना दें। यह मामला उत्तराखंड में बढ़ते ज्वैलरी फ्रॉड के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई का उदाहरण है। जांच अभी जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।


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