करोड़ों की एनसीईआरटी किताबें बरामद,संयुक्त छापेमारी में बड़ा खुलासा
रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई में करोड़ों रुपये की एनसीईआरटी किताबों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। छापेमारी के दौरान एक गोदाम से भारी मात्रा में किताबें मिलने के साथ ही किताबों से लदा एक ट्रक भी कब्जे में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में किताबों की बिलिंग फर्जी होने की बात सामने आई है। मामले की सूचना राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद और शिक्षा विभाग निदेशालय को दे दी गई है। सोमवार को एनसीईआरटी की टीम के रुद्रपुर पहुंचने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार रुद्रपुर के कीरतपुर क्षेत्र में प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक गोदाम में छापेमारी की। इस दौरान वहां से बड़ी मात्रा में एनसीईआरटी की किताबें बरामद की गईं, जिनकी कीमत करीब तीन से चार करोड़ रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के समय गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस ने मौके से किताबों से भरे एक ट्रक को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि देर रात पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि कीरतपुर स्थित गोदाम से एनसीईआरटी की किताबें ट्रक के जरिए कहीं भेजी जा रही हैं। सूचना मिलते ही कोतवाल मनोज रतूड़ी ने अपने उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग को भी मामले से अवगत कराया। सूचना मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उस समय प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं होने के कारण रात में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस टीम ने गोदाम पर निगरानी बनाए रखी। अगली सुबह प्रशासन की ओर से तहसीलदार दिनेश कुटौला के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार और जिला शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। अंदर पहुंचने पर बड़ी संख्या में एनसीईआरटी की किताबें रखी मिलीं और एक ट्रक भी मिला, जिसमें किताबें लदी हुई थीं। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि गोदाम में मौजूद किताबों की बिलिंग पूरी तरह से फर्जी है। गोदाम पर कोई कर्मचारी न मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि किताबों को अवैध तरीके से कहीं भेजने की तैयारी की जा रही थी। जिला शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किताबें कहां से लाई गई थीं और उन्हें कहां भेजा जाना था। जांच के लिए किताबों के कुछ सैंपल भी लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से एनसीईआरटी की किताबें छापने के लिए केवल तीन प्रिंटर्स को अधिकृत किया गया है, जिनमें राज इंटरप्राइजेस, दीपक प्रिंटर्स और मथुरा स्थित आज तक प्रिंटर्स शामिल हैं। इनके अलावा किसी अन्य संस्था या व्यक्ति को किताबें छापने की अनुमति नहीं है। फिलहाल गोदाम को पुलिस सुरक्षा में रखा गया है और पूरे मामले की जांच जारी है। सोमवार को एनसीईआरटी की टीम के रुद्रपुर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करने की उम्मीद है।