उत्तराखंड: चारधाम यात्रा की स्वास्थ्य तैयारियों पर केंद्र से अतिरिक्त बजट की मांग, जेपी नड्डा से मिले डॉ. धन सिंह रावत
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार से अतिरिक्त बजट की मांग की है। इस संबंध में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया और केंद्रीय मंत्री को यात्रा पर आने का न्योता भी दिया।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य सरकार ने यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में अस्पतालों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। दोनों अस्पतालों का शुभारंभ यात्रा सीजन के दौरान किया जाएगा, जिससे तीर्थयात्रियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में त्वरित और सुलभ उपचार मिल सकेगा। यात्रा मार्गों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ-साथ एक चिकित्सक पूल भी तैयार किया जा रहा है। इसमें राज्य की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों, राजकीय मेडिकल कॉलेजों तथा एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं ली जाएंगी। आवश्यकता पड़ने पर देश के अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से भी डॉक्टरों की तैनाती की जाएगी। आपात स्थितियों से निपटने के लिए एम्स ऋषिकेश, राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और देहरादून की चिकित्सा सेवाओं को अलर्ट मोड में रखा जाएगा। यात्रा अवधि में 108 आपातकालीन सेवा, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और कार्डियक एंबुलेंस की त्रिस्तरीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि हृदयाघात या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की स्थिति में तत्काल उपचार मिल सके। डॉ. रावत ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर भी चर्चा की और नए कार्यक्रमों के संचालन के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती तीर्थयात्री संख्या को देखते हुए संसाधनों का विस्तार जरूरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्य सरकार की तैयारियों की सराहना करते हुए सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। राज्य सरकार का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वास्थ्य की दृष्टि से सुदृढ़ बनाना उसकी प्राथमिकता है, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर यात्रा कर सकें।