उत्तराखंड: 19 अप्रैल को अक्षय तृतीय पर खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट! गैर सनातनियों का प्रवेश रहेगा वर्जित
उत्तरकाशी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट आगामी 19 अप्रैल को पवित्र अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार निर्धारित शुभ मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। इसके साथ ही छह माह तक चलने वाली चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत भी मानी जाएगी। गंगोत्री मंदिर समिति ने चैत्र नवरात्र के अवसर पर जिला मुख्यालय में कपाट खुलने की तिथि और समय की घोषणा की। समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल ने बताया कि 18 अप्रैल को मां गंगा की भोगमूर्ति डोली उनके शीतकालीन प्रवास मुखबा से गंगोत्री धाम के लिए रवाना होगी। यह डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सेना बैंड और ढोल-दमाऊ की धुनों के बीच प्रस्थान करेगी। डोली 18 अप्रैल को शाम तक भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा। इसके बाद 19 अप्रैल की सुबह डोली पुनः गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी और निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचने के बाद कपाट खोलने की प्रक्रिया संपन्न होगी।
गौरतलब है कि इसी दिन यमुनोत्री धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिससे देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों की आवाजाही तेज हो जाएगी। इस वर्ष गंगोत्री धाम को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय भी सामने आया है। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष अरुण सेमवाल ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान मंदिर परिसर और गंगा घाट पर गैर सनातनी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पहली बार लिया गया है, जिसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं और आस्था की मर्यादा को बनाए रखना है। समिति ने इस व्यवस्था को लागू करने के लिए शासन और प्रशासन से सहयोग की अपील की है। प्रशासनिक स्तर पर भी चारधाम यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य और ठहरने की सुविधाओं को लेकर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर साल लाखों श्रद्धालु गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कपाट खुलने की तिथि घोषित होते ही तीर्थयात्रियों में उत्साह बढ़ गया है। इस बार जहां एक ओर यात्रा की भव्य तैयारियां की जा रही हैं, वहीं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए कड़े कदम भी उठाए जा रहे हैं। गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के साथ ही एक बार फिर आस्था, परंपरा और श्रद्धा का संगम देखने को मिलेगा।