उत्तराखण्डः अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन! देश-विदेश के साइंटिस्ट पहुंचे नैनीताल

नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के नैनोसाइंस और नैनोटेक्नोलॉजी केंद्र, डीएसबी परिसर के रसायन विज्ञान विभाग और कोरिया विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान के रैम्प कन्वर्जेंस रिसर्च सेंटर द्वारा तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जिसका विषय ऊर्जा, कार्यात्मक सामग्री, अनु और नैनो टेक्नोलॉजी का संयुक्त रूप से आयोजित की जा रही है। सम्मेलन में मुख्य अतिथि पूर्व अध्यक्ष यूजीसी प्रो. डीपी सिंह, कुलपति दीवान सिंह रावत एवं देश-विदेश से आए संबंधित विभागों के साइंटिस्ट और शोधकर्ताओं द्वारा शिरकत की गई। जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और अकादमिक जगत के प्रतिष्ठित विद्वानों, शोधकर्ताओं और छात्रों को एकजुट कर विज्ञान और नवाचार की दिशा में नए संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। सम्मेलन के दौरान देश-विदेश से आए साइंटिस्टों द्वारा अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, तो वहीं शोधार्थियों द्वारा अपना शोध प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन में 250 से अधिक प्रतिभागी शामिल रहे। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक नैनोसाइंस और नैनोटेक्नोलॉजी केंद्र प्रोफेसर नंद गोपाल साहू ने बताया कि नैनो टेक्नोलॉजी के माध्यम से वेस्ट प्लास्टिक मटेरियल के माध्यम से प्राप्त ग्राफीन से कम लागत की बैटरियां तैयार की जा सकती है जिसका प्रयोग आने वाले समय में कम लागत की बैटरियों को बनाने में किया जा सकता है। प्रोफेसर डीपी सिंह ने जोर देते हुए कहा कि इस तरह के सेमिनार में जो भी निष्कर्ष निकलता है उसे राज्य सरकार और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा, ताकि इसपर इंप्लीमेंट हो सके और इसका अधिक से अधिक लाभ लिया जा सके।