उत्तराखण्डः गंगोलीहाट के कई गांवों में गुलदार का आतंक! शाम होते ही सन्नाटा, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार
गंगोलीहाट। सुरखाल पाठक क्षेत्र में गुलदार का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीणों को अपनी आजीविका और जान बचाने के लिए कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं। क्षेत्र के खेतीगांव, बनेलागांव, सुरखाल पाठक और सुनखोला ग्राम सभाओं में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। इससे त्रस्त ग्रामीणों ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों और ग्राम प्रधानों के नेतृत्व में उपजिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
आर्थिक चोट, रोजगार पर संकट
ज्ञापन में ग्रामीणों ने दर्द साझा करते हुए बताया कि गुलदार के लगातार हमलों और खौफ के कारण काश्तकारों ने अपनी बकरियां तक बेच दी हैं। पशुपालन इन ग्रामीणों की आजीविका का मुख्य साधन था, जो अब गुलदार के डर से प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है और लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है।
शिक्षा पर भी गुलदार का साया
गुलदार की दहशत का सीधा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। अभिभावकों ने बताया कि स्कूली बच्चे अकेले रास्ते में चलने से डर रहे हैं। क्षेत्र में हर समय किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है, जिससे ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। आरोप है कि प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की गश्त नहीं की जा रही है। प्रशासनिक लापरवाही के चलते गुलदार की गतिविधियां रिहायशी इलाकों में बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल गश्त और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए जाएं। ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम प्रधान वंदना, पार्वती देवी, चम्पा देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति, प्रताप सिंह, ठाकुर सिंह, नवीन सिंह व अन्य लोग मौजूद रहे।
