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देहरादून गोलीकांडः रोड रेज नहीं, बार विवाद की रंजिश में चली गोलियां! मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गई जान, चार आरोपी गिरफ्तार

  • Awaaz Desk
  • March 31, 2026 10:03 AM
Dehradun shooting: Not road rage, but a dispute over a bar dispute that resulted in gunfire! A retired brigadier out for a morning walk was killed; four accused arrested.

देहरादून। देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में 30 मार्च की सुबह हुई फायरिंग की घटना ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। इस दर्दनाक घटनाक्रम में 74 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर   मुकेश कुमार जोशी की जान चली गई। शुरुआती तौर पर इसे रोड रेज की घटना बताया गया, लेकिन पुलिस जांच में जो खुलासे हुए, उन्होंने इस पूरे मामले को एक सोची समझी हिंसक झड़प में बदल दिया। घटना सुबह करीब 6 बजकर 50 मिनट की है, जब पुलिस कंट्रोल रूम को जोहड़ी गांव में फायरिंग की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस को पता चला कि मसूरी रोड पर मालसी के पास एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो कार के बीच विवाद हुआ था। स्कॉर्पियो सवार लोगों ने फॉर्च्यूनर का पीछा करते हुए उसके टायरों पर फायरिंग की। इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को गोली लग गई, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह मामला महज सड़क पर ओवर टेकिंग का नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक रात पहले का विवाद छिपा था। दरअसल 29 मार्च की रात कुठालगेट स्थित जेन-जी बार में कुछ युवकों और बार कर्मचारियों के बीच बिल को लेकर झगड़ा हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि बार कर्मचारियों ने स्कॉर्पियो का शीशा तोड़ दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में दुश्मनी हो गई। अगली सुबह जब बार कर्मचारी अपने छूटे हुए सामान लेने पहुंचे, तो स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उन्हें देख लिया और बदला लेने के इरादे से उनका पीछा शुरू कर दिया। पीछा करते हुए दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई।

इस दौरान जोहड़ी गांव के पास फॉर्च्यूनर कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिसके बाद स्कॉर्पियो सवार आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला भी किया। इस हिंसक झड़प के बीच एक निर्दोष व्यक्ति, रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी, इसकी चपेट में आ गए और अपनी जान गंवा बैठे। यह घटना इस बात का भयावह उदाहरण है कि कैसे निजी रंजिश और आक्रोश सार्वजनिक स्थानों पर निर्दोष लोगों के लिए जानलेवा बन सकता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें जेन-जी बार के मालिक संदीप कुमार, मुख्य आरोपी आदित्य चौधरी, और बार कर्मचारी रोहित कुमार व मोहम्मद अखलाक शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो देसी तमंचे और कारतूस भी बरामद किए हैं। वहीं चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं पुलिस ने जेन-जी बार को भी सील कर दिया है और उसका लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन को डोईवाला क्षेत्र से बरामद कर लिया गया है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवाओं के बीच इतनी आक्रामकता और हथियारों तक आसान पहुंच कैसे हो रही है? एक मामूली विवाद का इस हद तक बढ़ जाना और फायरिंग ने कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है। 


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