शादी समारोह में डांसर पर नोट उड़ाते दिखे पूर्व विधायक चैंपियन, वीडियो वायरल होते ही फिर गरमाई सियासत
खानपुर। उत्तराखंड की राजनीति में अक्सर विवादों को लेकर चर्चा में रहने वाले खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला किसी बयान या राजनीतिक विवाद का नहीं, बल्कि एक शादी समारोह का है, जहां उनका डांसर पर नोट उड़ाते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो दो दिन पुराना है और दिल्ली रोड स्थित एक शादी समारोह का है। वायरल वीडियो में पूर्व विधायक सोफे पर बैठे नजर आ रहे हैं। उनके चारों ओर लोगों की भीड़ है और सामने डांसर प्रस्तुति दे रही है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि चैंपियन नोटों की गड्डी से पैसे निकालकर लोगों के सिर के ऊपर घुमाते हुए डांसर को दे रहे हैं। आसपास मौजूद लोग इस पूरे घटनाक्रम का आनंद लेते दिख रहे हैं, जबकि कुछ लोग अपने मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे निजी कार्यक्रम का हिस्सा बताते हुए सामान्य घटना कह रहे हैं, तो कुछ इसे जनप्रतिनिधि की गरिमा से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि इस मामले में पूर्व विधायक की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह पहला मौका नहीं है जब चैंपियन विवादों में आए हों। उनका नाम पहले भी कई घटनाओं को लेकर चर्चा में रहा है। वर्ष 2006 में मगरमच्छों पर गोली चलाने और बहादराबाद में रोडवेज बस चालक पर फायरिंग करने के आरोपों ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया था। वर्ष 2010 में मंगलौर में एक कार्यक्रम के दौरान आवेश में फायरिंग की घटना भी चर्चा का विषय बनी थी, हालांकि उसमें किसी के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई थी। साल 2013 में तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत के आवास पर आयोजित डिनर पार्टी में डांस के दौरान फायरिंग की घटना में राज्य आंदोलनकारी विवेकानंद खंडूड़ी के घायल होने का मामला भी काफी चर्चित रहा। इसके अलावा 2015 में हरिद्वार के पथरी क्षेत्र में खनन विवाद को लेकर ग्रामीणों पर गोली चलाने के आरोप भी लगे, हालांकि बाद में मामला सुलझा लिया गया। वर्ष 2018 में अपनी ही पार्टी के विधायक देशराज कर्णवाल से विवाद और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर दिए गए बयान ने भी राजनीतिक हलकों में हलचल मचाई थी। वहीं 2019 में दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में एक टीवी पत्रकार को थप्पड़ मारने के आरोपों ने भी उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया था, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया था। अब एक बार फिर वायरल वीडियो ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के आचरण को लेकर क्या मानक होने चाहिए और निजी आयोजनों में उनका व्यवहार किस हद तक सार्वजनिक चर्चा का विषय बन सकता है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।