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उत्तराखंड में अपात्रों की पेंशन होगी बंद, सीएम धामी ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को दी मंजूरी

  • Tapas Vishwas
  • February 22, 2026 09:02 AM
Uttarakhand: Uttarakhand CM Dhami approves action against those found ineligible

देहरादून। उत्तराखंड में दोहरी पेंशन के मामलों पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा एक साथ दो पेंशन लेने के मामलों में सत्यापन कर विधिक कार्रवाई किए जाने को मंजूरी दे दी है। साथ ही उन्होंने हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, हाल ही में यह मामला तब उजागर हुआ जब महालेखाकार (लेखा परीक्षा) ने प्रदेश के पेंशनधारकों के रिकॉर्ड की जांच की। जांच में सामने आया कि 1300 से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने मूल विभाग से पेंशन लेने के साथ-साथ समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था या विधवा पेंशन योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं। इसके बाद महालेखाकार ने मुख्य सचिव और वित्त सचिव को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने तत्काल जांच के आदेश दिए। प्रदेश के सभी जिलों में की गई जांच के बाद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया कुल 1377 पेंशनर्स ऐसे पाए गए जो दोहरी पेंशन का लाभ ले रहे थे। यानी एक ओर उन्हें सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति पेंशन मिल रही थी, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत भी पेंशन प्राप्त हो रही थी। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे, यह सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्तियों द्वारा वृद्धावस्था, विधवा या अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेना नियमों के विरुद्ध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मामलों का गहन सत्यापन कर अपात्र लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से रोकी जाए। इसके साथ ही सीएम ने भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग तंत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए हैं। अधिकारियों को डेटा मिलान और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने को कहा गया है, ताकि पेंशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। सरकार के इस कदम से स्पष्ट संकेत मिला है कि वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जांच पूरी होने के बाद कितने मामलों में वसूली और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। फिलहाल, दोहरी पेंशन पर सरकार की सख्ती ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है और अपात्र लाभार्थियों के बीच चिंता बढ़ा दी है।


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