हल्द्वानी रिंग रोड परियोजना ने पकड़ी रफ्तार,सर्वे प्रक्रिया शुरू होने के करीब,जाम से जल्द मिलेगी राहत
हल्द्वानी। हल्द्वानी में लंबे समय से प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना अब एक बार फिर गति पकड़ती नजर आ रही है। करीब नौ साल पहले घोषित इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सर्वे के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें हरियाणा, दिल्ली और पंजाब से जुड़ी तीन कंपनियों ने हिस्सा लिया है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) के अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी जांच के बाद प्रक्रिया को जल्द ही फाइनेंशियल बिड के चरण में ले जाया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि चयनित कंपनी को परियोजना से जुड़े कई अहम पहलुओं पर काम करना होगा, जिसमें वनभूमि का आंकलन, पेड़ों की संख्या, सड़क का डिजाइन और कुल बजट का प्रस्ताव शामिल है। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
दरअसल, अप्रैल 2017 में इस रिंग रोड परियोजना की घोषणा की गई थी, जिसका उद्देश्य शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाना था। शुरुआती चरण में फिजिबिलिटी स्टडी के लिए एक कंसल्टेंसी फर्म को 1.57 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया था। लेकिन परियोजना का मूल स्वरूप बदलना पड़ा, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग में निजी जमीन और मकान आ रहे थे। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, पहले प्रस्तावित रूट में करीब 19 हेक्टेयर निजी जमीन और 105 मकान प्रभावित हो रहे थे, जिसके लिए लगभग 700 करोड़ रुपये मुआवजा देना पड़ता। भारी विरोध और अधिक लागत के चलते सरकार ने योजना में बदलाव करते हुए रिंग रोड को वन क्षेत्र से गुजारने का निर्णय लिया। नए प्रस्ताव के अनुसार सड़क को भाखड़ा पुल से फायर लाइन होते हुए जंगल के भीतर से रामपुर रोड पर बेलबाबा के पास जोड़ा जाएगा। फरवरी में शासन ने सर्वे के लिए 26.35 लाख रुपये जारी किए, जिसके बाद टेंडर आमंत्रित किए गए। अब कंपनियों के तकनीकी अनुभव, संसाधनों और मशीनरी का मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके बाद सबसे कम दर देने वाली कंपनी को सर्वे का कार्य सौंपा जाएगा।प्रारंभिक आकलन के अनुसार, लगभग 18 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 56 हेक्टेयर वनभूमि का हस्तांतरण करना होगा और करीब 4280 पेड़ों की कटाई संभावित है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 172 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट विशेषज्ञ कंपनी द्वारा तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की मंजूरी और बजट तय होगा। रिंग रोड बनने से शहर को कई बड़े फायदे होंगे। रामपुर रोड से कालाढूंगी और रामनगर जाने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा, जिससे ट्रैफिक दबाव कम होगा। पर्यटन सीजन में लगने वाले जाम से भी राहत मिलेगी। साथ ही, आसपास की 20 से अधिक ग्राम पंचायतों के लोगों को बेहतर और चौड़ी सड़क सुविधा मिलेगी। कुल मिलाकर, यह परियोजना हल्द्वानी के यातायात ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकती है और शहर को जाम की समस्या से स्थायी राहत दिलाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।