सुखवंत सिंह आत्महत्या मामलाः 79 दिन की जांच के बाद एसआईटी ने 12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में दाखिल की 29 पेज की चार्जशीट! 58 गवाह बनाए गए
रुद्रपुर। काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले की जांच कर रही एसआईटी ने तत्कालीन थानाध्यक्ष कुंदन रौतेला समेत 12 आरोपियों के खिलाफ अदालत में 29 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में 58 गवाह बनाए गए है। इसमें एक आरोपी के विरुद्ध आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, सात पर धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और चार पर सुखवंत को धमकाने के आरोप हैं। पुलिस के मुताबिक ग्राम पैगा काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने जमीन की धोखाधड़ी और पुलिस की कार्यप्रणाली से आहत होने का आरोप लगाते हुए 10-11 जनवरी 2026 की रात काठगोदाम के गौलापार स्थित एक होटल में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने से पहले सुखवंत ने इंटरनेट मीडिया में वीडियो भी प्रसारित किया था। मौके से पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में तत्कालीन एसएसपी समेत कई लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तत्कालीन आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला, एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया था। जबकि पूरी पैगा चौकी को लाइन हाजिर कर दिया था। तब एसआईटी का गठन कर जांच तत्कालीन एसपी क्राईम निहारिका तोमर को सौंपी गई थी। लेकिन पुलिस मुख्यालय स्तर पर जिले की एसआईटी से जांच हटाते हुए आईजी नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया था। साथ कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को मामले की मजिस्ट्रियल जांच सौंपी गई थी। इधर मामले में कोतवाली आईटीआई में 26 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत किया गया।
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की 79 दिन की जांच के बाद 12 आरोपियों के खिलाफ शनिवार को काशीपुर कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आईपीएस अधिकारी समेत 12 अन्य के खिलाफ विवेचना जारी रहेगी।