खामेनेई की मौत पर सनसनीखेज खुलासाः तेहरान के ट्रैफिक कैमरे सालों से हैक! एआई और पैटर्न ऑफ लाइफ विश्लेषण से मिली सटीक लोकेशन, 60 सेकंड की स्ट्राइक में हुआ ऑपरेशन
नई दिल्ली। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमले किए जा रहे हैं, जिससे पूरी दुनिया में हलचल देखने को मिल रही है। इस बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। खबरों के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की लोकेशन पता करने के लिए इजरायल ने सालों तक ईरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया था। एक न्यूज एजेंसी ने लंदन स्थित फाइनेंशियल टाइम्स की एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि इजरायल की जासूसी एजेंसियों द्वारा रची गई एक लॉन्ग टर्म योजना का खुलासा हुआ है, जिसके कारण ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और ईरान की सेना के शीर्ष नेतृत्व के सदस्यों की लक्षित हत्याएं हुईं। फाइनेंशियल टाइम्स ने कई सूत्रों का हवाला देते हुए बताया है कि इजरायल ने खामेनेई और उनके सुरक्षाकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक किया और मोबाइल फोन नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त करने में कई साल बिताए। तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरों को सालों से हैक किया गया था और फुटेज को एन्क्रिप्ट करके सर्वरों पर भेजा गया था। इस हैक ने इजरायली और अमेरिकी सेनाओं को खामेनेई के ठिकाने का सटीक पता लगाने में मदद की, जिसके परिणामस्वरूप एक लक्षित हमले में उन्हें मार गिराया गया। यानी मतलब साफ है कि अगर इजरायल, ईरान के ट्रैफिक कैमरों को सालों से हैक किए हुए था तो वह निश्चित ही कुछ बड़ा करने की योजना बना रहा था। ट्रैफिक कैमरों की फुटेज से ये जानने की कोशिश की जा रही थी कि ईरान के बड़े और जिम्मेदार लोग कहां जाते हैं और किससे मिलते हैं।
कैमरों से लेकर फोन नेटवर्क तक निगरानी
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तेहरान के लगभग सभी ट्रैफिक कैमरे कथित रूप से वर्षों पहले से कंप्रोमाइज थे। फुटेज को एन्क्रिप्ट कर नियमित रूप से इजरायल भेजा जाता था। एक विशेष कैमरे ने जहां शीर्ष सरकारी परिसरों के प्रवेश मार्ग हैं के आसपास खामेनेई की सुरक्षा टीम की गाड़ियों, पार्किंग पैटर्न और दैनिक गतिविधियों का विवरण दिया। जुटाए गए डेटा को जटिल एल्गोरिदम, एआई और सोशल-नेटवर्क-एनालिसिस के जरिए प्रोसेस किया गया, जिससे सुरक्षा गार्डों के घर के पते, ड्यूटी शेड्यूल, रूट, किस अधिकारी की सुरक्षा में तैनाती जैसे महत्वपूर्ण विवरण तैयार हुए। इसे इंटेलिजेंस भाषा में पैटर्न ऑफ लाइफ कहा जाता है। यानी किसी लक्ष्य और उसके सुरक्षा घेरे की मिनट-टू-मिनट समझ।
वर्षों तक चलने वाला ऑपरेशन और एक 60-सेकंड की स्ट्राइक
रिपोर्टों का कहना है कि यह अभियान लगभग दो दशकों पुरानी उस खुफिया रणनीति का हिस्सा था, जो 2001 के बाद ईरान को शीर्ष प्राथमिकता मानकर आगे बढ़ाई गई थी। जांच रिपोर्टों के अनुसार इजरायली विमान कई घंटों से हवा में तैनात थे। स्ट्राइक के लिए 30 तक प्रिसिजन‑म्यूनिशन इस्तेमाल किए गए। ऑपरेशन को 60-सेकंड विंडो के भीतर अंजाम दिया गया और यह सब ईरान की बढ़ी हुई सतर्कता के बावजूद हुआ।