उत्तराखण्डः बुग्यालों में मानवीय हलचल से प्रकृति पर गहरा प्रभाव! मंडरा रहा संकट, चेतावनी के साइन बोर्ड को भी नहीं मान रहे पर्यटक

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से चोपता-तुंगनाथ-चन्द्रशिला चार किमी पैदल मार्ग के दोनों तरफ फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों में मानवीय आवागमन प्रतिबंधित करने के बाद भी बुग्यालों में आवागमन होने से बुग्यालों की सुन्दरता धीरे-धीरे गायब होने लगी है। चोपता-तुंगनाथ-चन्द्रशिला भूभाग का जिम्मा सीमित वन कर्मियों को सौंपे जाने से बुग्यालों में मानवीय आवागमन निरन्तर जारी हैए जबकि विभाग ने पैदल मार्ग पर जगह-जगह साइन बोर्डों के माध्यम से बुग्यालों में आवागमन न करने की सख्त चेतावनी दी गयी है, फिर भी सैलानियों का आवागमन लगातार जारी है। आने वाले समय में यदि भुजगली-तुंगनाथ-चन्द्र शिला पैदल मार्ग के दोनों तरफ फैले बुग्यालों में मानवीय आवागमन पर रोक नहीं लगाई गयी, तो बुग्यालों की सुन्दरता गायब होने के साथ बरसात के समय बुग्यालों में उगने वाले अनेक प्रजाति के पुष्पों व बेस कीमती जडी-बूटियों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
बता दें कि चोपता-तुंगनाथ-चन्द्रशिला के आंचल में फैले भूभाग को प्रकृति ने अपने वैभवां का भरपूर दुलार दिया है। तुंगनाथ घाटी के पग-पग पर सुरम्य मखमली बुग्यालों की भरमार होने के कारण तुंगनाथ घाटी की विशिष्ट पहचान है तथा विश्व में तुंगनाथ घाटी या चोपता को मिनी स्वीजरलैण्ड के नाम से जाना जाता है। तुंगनाथ घाटी के पग-पग में फैले प्राकृतिक सौन्दर्य से रूबरू होने के लिए प्रतिवर्ष यहां लाखों तीर्थ यात्री, पर्यटक व सैलानी पहुंचते हैं तथा इन बुग्यालों की सुन्दरता से रूबरू होकर तुंगनाथ घाटी घूमने का सुन्दर सपना लेकर चले जाते हैं, लेकिन भुजगली-तुंगनाथ-चोपता-चन्द्रशिला पैदल मार्ग के दोनों तरफ फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों में मानवीय आवागमन होने से बुग्यालों की सुन्दरता धीरे-धीरे गायब होने लगी है तथा बुग्यालों के संरक्षण व संवर्धन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग द्वारा पैदल मार्ग पर जगह-जगह बुग्यालों में आवागमन न करने की चेतावनी देने के बाद भी सुरम्य मखमली बुग्यालों में मानवीय आवागमन निरन्तर जारी है। आने वाले समय में यदि बुग्यालों में मानवीय आवागमन पर रोक नहीं लगी तो सुरम्य मखमली बुग्यालों की सुन्दरता गायब होने के साथ तुंगनाथ घाटी की विशिष्ट पहचान भी धीरे-धीरे सपनों में याद रह जायेगी।